पाठ्यपुस्तक
India's Ancient Past
पुरानी NCERT की क्लासिक प्राचीन भारत पुस्तक का विस्तारित रूप; स्पष्ट और परीक्षा-उपयोगी।
सप्त सिंधु के ऋग्वैदिक समुदाय, फिर गंगा-यमुना दोआब के उत्तर वैदिक राज्य।
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| नाम | प्रकार | अवधि | क्षेत्र | राजधानी |
|---|---|---|---|---|
| ऋग्वैदिक समुदाय ★ | जनजातीय समुदाय / जन | लगभग 1,500–1,000 ई.पू. | उत्तर-पश्चिम | सप्त सिंधु |
| कुरु | महाजनपद | लगभग 1,200–350 ई.पू. | उत्तर | हस्तिनापुर / इंद्रप्रस्थ |
| गांधार | महाजनपद | लगभग 1,200–518 ई.पू. | उत्तर-पश्चिम | तक्षशिला |
| पांचाल | महाजनपद | लगभग 1,100–350 ई.पू. | गंगा का मैदान | अहिच्छत्र / कांपिल्य |
| विदेह | राज्य | लगभग 1,100–600 ई.पू. | पूर्व | मिथिला |
| मत्स्य | महाजनपद | लगभग 1,100–350 ई.पू. | पश्चिम | विराटनगर |
| उत्तर वैदिक राज्य | जनजातीय समुदाय / जन | लगभग 1,000–600 ई.पू. | गंगा का मैदान | |
| चेदि | महाजनपद | लगभग 1,000–300 ई.पू. | मध्य भारत | शुक्तिमती |
| वर्ष | घटना | राज्य |
|---|---|---|
| लगभग 1,500 ई.पू. | ऋग्वेद की रचना का आरंभ | ऋग्वैदिक समुदाय |
| लगभग 1,400 ई.पू. | इनामगाँव में जोर्वे कृषक गाँव | जोरवे संस्कृति |
| लगभग 1,300 ई.पू. | हड़प्पा में कब्रिस्तान-एच संस्कृति | उत्तर हड़प्पा संस्कृतियाँ |
| लगभग 1,200 ई.पू. | दाशराज्ञ युद्ध (दस राजाओं का युद्ध) | ऋग्वैदिक समुदाय |
| लगभग 1,100 ई.पू. | गंगा के मैदान में लोहे का उपयोग आरंभ | उत्तर वैदिक राज्य |
| लगभग 1,000 ई.पू. | दोआब में चित्रित धूसर मृदभांड बस्तियों का प्रसार | उत्तर वैदिक राज्य |
| लगभग 1,000 ई.पू. | उत्तर वैदिक ग्रंथ: यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद | उत्तर वैदिक राज्य |
| लगभग 900 ई.पू. | कुरु राज्य ने वैदिक कर्मकांड को सुदृढ़ किया | कुरु |
| लगभग 800 ई.पू. | प्रारंभिक उपनिषदों की रचना | विदेह |
| लगभग 700 ई.पू. | द्वितीय नगरीकरण: उत्तरी काली पॉलिश मृदभांड | |
| लगभग 600 ई.पू. | सोलह महाजनपदों का उदय उत्तर भारत में जनजातीय जनों का स्थान क्षेत्रीय राज्यों ने ले लिया। |
पुरानी NCERT की क्लासिक प्राचीन भारत पुस्तक का विस्तारित रूप; स्पष्ट और परीक्षा-उपयोगी।
प्रारंभिक भारतीय समाज और राज्यों का प्रामाणिक, व्याख्यात्मक इतिहास।
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