Themes in Indian History, Parts I–III (Class 12)
हड़प्पा, विजयनगर, मुग़ल दरबार और 1857 पर स्रोत-आधारित अध्याय — UPSC के लिए अनिवार्य।
दक्षिणी साम्राज्य, जिसकी राजधानी हम्पी विश्व के सबसे बड़े नगरों में से थी।
समय के साथ अनुमानित विस्तार (ठोस = नवीनतम, बिंदुदार = पहले का)।
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| राजवंश | काल | टिप्पणी |
|---|---|---|
| संगम वंश | 1336 – 1485 | संस्थापक हरिहर प्रथम और बुक्का राय प्रथम; देवराय द्वितीय। |
| सालुव वंश | 1485 – 1505 | सालुव नरसिंह ने साम्राज्य को ढहने से बचाया। |
| तुलुव वंश | 1505 – 1570 | कृष्णदेवराय का स्वर्ण युग; 1565 में तालीकोटा में पराजय। |
| अराविडु वंश | 1570 – 1646 | साम्राज्य के अंतिम चरण में पेनुकोंडा और चंद्रगिरि से शासन। |
चुने हुए शासक; सूची में अंतराल का अर्थ राजवंश में अंतराल नहीं है।
| वर्ष | घटना | स्थान |
|---|---|---|
| 1336 | विजयनगर की स्थापना हरिहर प्रथम और बुक्का राय प्रथम द्वारा। |
हम्पी |
| 1378 | विजयनगर ने मदुरै सल्तनत को मिलाया कुमार कंपण के अभियान से मदुरै सल्तनत का अंत हुआ। |
मदुरै |
| 1420 | निकोलो दे कोंटी की विजयनगर यात्रा | हम्पी |
| 1443 | अब्दुर रज़्ज़ाक़ का विजयनगर दूतावास | हम्पी |
| 1509 | कृष्णदेवराय का राज्यारोहण | हम्पी |
| 1520 | कृष्णदेवराय ने रायचूर जीता विजयनगर ने बीजापुर से रायचूर दोआब जीत लिया। |
रायचूर |
| 1565 | तालीकोटा का युद्ध दक्कन सल्तनतों ने विजयनगर को हराया; हम्पी लूटी गई। विजयनगर की सेना बिखर गई और उसकी राजधानी हम्पी लूट ली गई। |
तालीकोटा |
| 1646 | विजयनगर का अंतिम गढ़ गिरा | चंद्रगिरि |
हड़प्पा, विजयनगर, मुग़ल दरबार और 1857 पर स्रोत-आधारित अध्याय — UPSC के लिए अनिवार्य।
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