⚔ युद्ध

नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापी जीती

642 ई. – वर्तमान · 📍 बादामी
परिणाम: पुलकेशिन द्वितीय मारा गया और नरसिंहवर्मन ने 'वातापीकोंड' की उपाधि ली।

पल्लव वंश

🗺 642 ई. का मानचित्र देखें

यह कहाँ हुआ।

इसी दौरान (10 वर्षों के भीतर)

  1. 634 ई. रविकीर्ति का ऐहोल अभिलेख · बादामी के चालुक्य
  2. लगभग 636 ई. ह्वेनसांग का नालंदा में अध्ययन · पुष्यभूति (वर्धन) वंश
  3. 643 ई. कन्नौज और प्रयाग में हर्ष की सभाएँ · पुष्यभूति (वर्धन) वंश
  4. 647 ई. हर्ष की मृत्यु · पुष्यभूति (वर्धन) वंश

उस समय जीवित

ब्रह्मगुप्त
लगभग 598 ई. – लगभग 668 ई.
ब्रह्मस्फुटसिद्धांत में शून्य के नियम देने वाले गणितज्ञ
ह्वेनसांग
लगभग 602 ई. – लगभग 664 ई.
नालंदा में अध्ययन करने और हर्ष के दरबार में जाने वाले चीनी यात्री
अप्पर (तिरुनावुक्करसर)
active लगभग 620 ई.
महेंद्रवर्मन प्रथम को शैव बनाने वाले नायनार संत
बाणभट्ट
active लगभग 630 ई.
हर्षचरित और कादंबरी के रचयिता
रविकीर्ति
active लगभग 634 ई.
पुलकेशिन द्वितीय के ऐहोल अभिलेख के रचयिता
इत्सिंग
635 ई. – 713 ई.
670–680 के दशक में नालंदा में पढ़ने वाले चीनी भिक्षु

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📄 शोध 3

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