पर्यावरण और भूमि

नहरें और झीलें, वन, झूम खेती और औपनिवेशिक वन-क़ानून।

  1. 1832 तक🏭 आधुनिक

    दामिन-इ-कोह: कुदाल और हल

    अंग्रेज़ों ने दामिन-इ-कोह को संथालों की भूमि घोषित किया, जिन्होंने हल की खेती के लिए वन साफ़ किए; कुदाल से झूम खेती करने वाले पहाड़िया राजमहल की पहाड़ियों में और भीतर चले गए।

  2. उन्नीसवीं सदी🏭 आधुनिक

    झूम खेती

    कई आदिवासी समुदाय वनों के छोटे टुकड़ों पर झूम (स्थानांतरी) खेती करते थे — पेड़ों के ऊपरी भाग काटकर और वनस्पति जलाकर ज़मीन साफ़ करते हुए।

  3. औपनिवेशिक काल🏭 आधुनिक

    आरक्षित वन

    अंग्रेज़ों ने वनों को राज्य की संपत्ति घोषित किया; आरक्षित वनों में लोग न स्वतंत्र रूप से आ-जा सकते थे, न झूम खेती, फल-संग्रह या शिकार कर सकते थे।

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