समाज

नातेदारी और जाति, ग्राम-जीवन, स्त्रियों की आवाज़ें और सुधार आंदोलन।

  1. आलवार परंपरा🏰 मध्यकालीन

    ‘तमिल वेद’ और आंडाल

    आलवारों का संकलन नालायिर दिव्यप्रबंधम् ‘तमिल वेद’ कहलाया; आलवार संत आंडाल के गीत आज भी गाए जाते हैं।

  2. बारहवीं सदी🏰 मध्यकालीन

    बसवन्ना और लिंगायत

    बसवन्ना के अनुयायी — वीरशैव या लिंगायत — आज भी इस क्षेत्र का एक महत्त्वपूर्ण समुदाय हैं; उनके वचन खोखले कर्मकांड पर प्रश्न उठाते हैं।

  3. मुग़ल काल🏰 मध्यकालीन

    रैयत, किसान और ज़मींदार

    मुग़ल काल के हिंद-फ़ारसी स्रोत किसान को प्रायः रैयत कहते थे; आइन-ए-अकबरी बताती है कि राज्य खेती और राजस्व-वसूली कैसे संगठित करता था।

हम कैसे जाँचते हैं: हर प्रविष्टि उस NCERT अध्याय के किसी अंश से लिखी गई है जिससे वह जुड़ी है, और जब तक उस अंश के मुख्य वाक्यांश अध्याय के अपने पाठ में न मिलें, हमारा बिल्ड विफल होता है। तिथियाँ केवल वहीं दी गई हैं जहाँ अध्याय उन्हें देता है।