साहित्य

वेद और उपनिषद, महाकाव्य, संगम कविताएँ, भक्ति-काव्य और यात्रियों की पुस्तकें।

  1. आलवार परंपरा🏰 मध्यकालीन

    ‘तमिल वेद’ और आंडाल

    आलवारों का संकलन नालायिर दिव्यप्रबंधम् ‘तमिल वेद’ कहलाया; आलवार संत आंडाल के गीत आज भी गाए जाते हैं।

  2. ग्यारहवीं सदी🏰 मध्यकालीन

    अल-बिरूनी की किताब-उल-हिंद

    973 में ख़्वारिज़्म में जन्मे अल-बिरूनी सीरियाई, अरबी, फ़ारसी, हिब्रू और संस्कृत जानते थे, और उन्होंने भारत पर विस्तृत पुस्तक लिखी।

  3. बारहवीं सदी🏰 मध्यकालीन

    बसवन्ना और लिंगायत

    बसवन्ना के अनुयायी — वीरशैव या लिंगायत — आज भी इस क्षेत्र का एक महत्त्वपूर्ण समुदाय हैं; उनके वचन खोखले कर्मकांड पर प्रश्न उठाते हैं।

  4. लगभग 14वीं–15वीं सदी🏰 मध्यकालीन

    कबीर की वाणी

    कबीर की वाणी तीन परंपराओं में बची है: कबीरपंथ का बीजक, दादूपंथ की ग्रंथावली, और आदि ग्रंथ साहिब।

  5. सूफ़ी परंपरा🏰 मध्यकालीन

    पद्मावत

    मलिक मुहम्मद जायसी का प्रेमाख्यान, चित्तौड़ की पद्मिनी और रतनसेन की कथा, जिनकी परीक्षाएँ आत्मा की यात्रा का प्रतीक हैं।

  6. 1598🏰 मध्यकालीन

    आइन-ए-अकबरी

    अकबर का साम्राज्य कैसे चलता था, इसका अबुल फ़ज़्ल का विवरण पाँच संशोधनों के बाद 1598 में पूरा हुआ।

हम कैसे जाँचते हैं: हर प्रविष्टि उस NCERT अध्याय के किसी अंश से लिखी गई है जिससे वह जुड़ी है, और जब तक उस अंश के मुख्य वाक्यांश अध्याय के अपने पाठ में न मिलें, हमारा बिल्ड विफल होता है। तिथियाँ केवल वहीं दी गई हैं जहाँ अध्याय उन्हें देता है।