समाज

नातेदारी और जाति, ग्राम-जीवन, स्त्रियों की आवाज़ें और सुधार आंदोलन।

  1. लगभग 1000 ई.पू. से🏺 प्राचीन

    गोत्र के नियम

    हर गोत्र का नाम किसी वैदिक ऋषि पर था; स्त्रियों से पति का गोत्र अपनाने की अपेक्षा थी, और एक ही गोत्र के लोग विवाह नहीं कर सकते थे।

  2. लगभग 500 ई.पू. से🏺 प्राचीन

    महाभारत

    1,00,000 से अधिक श्लोकों का विशाल महाकाव्य, जो लगभग 1,000 वर्षों में रचा गया।

  3. लगभग 500 ई.पू. – 200 ई.🏺 प्राचीन

    धर्मसूत्र और मनुस्मृति

    लगभग 500 ई.पू. से सामाजिक मानदंड धर्मसूत्रों और धर्मशास्त्रों में संकलित हुए; इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण मनुस्मृति लगभग 200 ई.पू. से 200 ई. के बीच संकलित हुई। वास्तविक सामाजिक संबंध संभवतः अधिक जटिल थे।

  4. आरंभिक ऐतिहासिक काल🏺 प्राचीन

    श्रेणियाँ

    शिल्पकारों और व्यापारियों की श्रेणियाँ संभवतः कच्चा माल जुटाती, उत्पादन नियंत्रित करतीं और तैयार माल बेचती थीं।

  5. अशोक का शासनकाल🏺 प्राचीन

    धम्म महामात्र

    अशोक ने धम्म का संदेश फैलाने के लिए विशेष अधिकारी — धम्म महामात्र — नियुक्त किए।

  6. लगभग पहली सदी ई.🏺 प्राचीन

    तमिल संगम कविताएँ

    पुरनानूरु जैसे संकलन सरदारों और उनके चारणों का वर्णन करते हैं और सामाजिक-आर्थिक जीवन पर प्रकाश डालते हैं।

  7. संगम युग🏺 प्राचीन

    भूस्वामी, हलवाहे और दास

    संगम ग्रंथ गाँवों के अलग-अलग वर्गों का उल्लेख करते हैं — बड़े भूस्वामी (वेल्लालर), हलवाहे (उलवर) और दास (अडिमै)।

हम कैसे जाँचते हैं: हर प्रविष्टि उस NCERT अध्याय के किसी अंश से लिखी गई है जिससे वह जुड़ी है, और जब तक उस अंश के मुख्य वाक्यांश अध्याय के अपने पाठ में न मिलें, हमारा बिल्ड विफल होता है। तिथियाँ केवल वहीं दी गई हैं जहाँ अध्याय उन्हें देता है।