मौर्योत्तर शक्तियाँ

लगभग 200 ई.पू. – लगभग 300 ई.
मानचित्र परत: क्षेत्रीय राज्य और आक्रमणकारी

कोई एक शक्ति नहीं: शुंग, सातवाहन, हिंद-यवन, शक, कुषाण और संगमकालीन तमिल राज्य।

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कब किसका शासन

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घटनाएँ
200 ई.पू.100 ई.पू.1 ई.100 ई.200 ई.300 ई.

इस काल के मुख्य राज्य

नामप्रकारअवधिक्षेत्रराजधानी
अनुराधापुर राज्य ★ राज्य लगभग 437 ई.पू. – लगभग 1017 श्रीलंका अनुराधापुर
सातवाहन साम्राज्य ★ साम्राज्य लगभग 200 ई.पू. – लगभग 225 ई. दक्कन प्रतिष्ठान / अमरावती
आरंभिक पांड्य (संगम युग) राज्य लगभग 400 ई.पू. – लगभग 300 ई. दक्षिण मदुरै / कोरकई
आरंभिक चोल (संगम युग) राज्य लगभग 300 ई.पू. – लगभग 300 ई. दक्षिण उरैयूर / पुहार
आरंभिक चेर (संगम युग) राज्य लगभग 300 ई.पू. – लगभग 300 ई. दक्षिण वंजी (करूर / मुज़िरिस)
कलिंग का महामेघवाहन (चेदि) वंश राजवंश लगभग 200 ई.पू. – लगभग 50 ई. पूर्व कलिंगनगरी
हिंद-यवन राज्य विदेशी / उत्तर-पश्चिमी राज्य लगभग 200 ई.पू. – लगभग 10 ई. उत्तर-पश्चिम सागल / तक्षशिला
शुंग वंश राजवंश लगभग 185–73 ई.पू. गंगा का मैदान पाटलिपुत्र / विदिशा
हिंद-शक राज्य विदेशी / उत्तर-पश्चिमी राज्य लगभग 110 ई.पू. – लगभग 80 ई. उत्तर-पश्चिम तक्षशिला / मथुरा
कण्व वंश राजवंश लगभग 73–28 ई.पू. पूर्व पाटलिपुत्र
हिंद-पार्थियाई राज्य विदेशी / उत्तर-पश्चिमी राज्य लगभग 19 ई. – लगभग 100 ई. उत्तर-पश्चिम टैक्सिला (तक्षशिला)
पश्चिमी क्षत्रप राजवंश लगभग 35 ई. – लगभग 415 ई. पश्चिम उज्जैन / भरुकच्छ
विजयपुरी के इक्ष्वाकु राजवंश लगभग 225 ई. – लगभग 340 ई. दक्कन विजयपुरी (नागार्जुनकोंडा)
कलभ्र अंतराल राजवंश लगभग 250 ई. – लगभग 600 ई. दक्षिण
संगमकालीन तमिल सरदार (वेलिर) सरदारियाँ लगभग 300 ई.पू. – लगभग 300 ई. दक्षिण
यौधेय गणराज्य गण-संघ (गणराज्य) लगभग 200 ई.पू. – लगभग 350 ई. उत्तर रोहितक
रुहुण रियासत राज्य लगभग 200 ई.पू. – लगभग 1070 श्रीलंका महागाम (तिस्सामहाराम)

इस काल में मौजूद अन्य राज्य

वाकाटक वंश
दक्कन · लगभग 250 ई. – लगभग 500 ई.
गुप्त साम्राज्य
गंगा का मैदान · लगभग 240 ई. – लगभग 550 ई.
यूनानी-बैक्ट्रियाई राज्य
उत्तर-पश्चिम · लगभग 256–125 ई.पू.
कुषाण साम्राज्य
उत्तर-पश्चिम · लगभग 30 ई. – लगभग 375 ई.
मौर्य साम्राज्य
अखिल भारतीय · लगभग 321–185 ई.पू.
पल्लव वंश
दक्षिण · लगभग 275 ई. – लगभग 897 ई.

घटनाएँ

वर्षघटनाराज्य
लगभग 185 ई.पू. पुष्यमित्र शुंग ने बृहद्रथ की हत्या की
मौर्य वंश समाप्त हुआ और शुंग वंश आरंभ हुआ।
शुंग वंश
लगभग 180 ई.पू. डेमेट्रियस प्रथम का उत्तर-पश्चिम भारत पर आक्रमण
हिंदूकुश के दक्षिण में हिंद-यूनानी शासन की स्थापना हुई।
हिंद-यवन राज्य
लगभग 161 ई.पू. दुट्ठगामणी ने श्रीलंका को एकीकृत किया अनुराधापुर राज्य
लगभग 150 ई.पू. खारवेल का हाथीगुम्फा अभिलेख कलिंग का महामेघवाहन (चेदि) वंश
लगभग 150 ई.पू. मिनांडर का शासन; मिलिंदपन्हो संवाद हिंद-यवन राज्य
लगभग 150 ई.पू. भरहुत स्तूप की वेदिकाएँ उत्कीर्ण शुंग वंश
लगभग 113 ई.पू. विदिशा में हेलियोडोरस स्तंभ हिंद-यवन राज्य
57 ई.पू. विक्रम संवत का आरंभ
लगभग 50 ई.पू. साँची के तोरण उत्कीर्ण सातवाहन साम्राज्य
लगभग 29 ई.पू. अलुविहार में पालि त्रिपिटक लिपिबद्ध अनुराधापुर राज्य
लगभग 28 ई.पू. सातवाहनों ने कण्व वंश का अंत किया
कण्व वंश समाप्त हुआ।
सातवाहन साम्राज्य
लगभग 30 ई. कुजुल कडफ़िसेस ने कुषाणों को एकजुट किया
पाँच यूएझी क़बीले एक शासक के अधीन एक हुए।
कुषाण साम्राज्य
लगभग 46 ई. तख़्त-ए-बाही विहार की स्थापना हिंद-पार्थियाई राज्य
लगभग 50 ई. अरिकमेडु और मुज़िरिस में रोमन व्यापार आरंभिक चोल (संगम युग)
लगभग 52 ई. परंपरा के अनुसार संत थॉमस मुज़िरिस पहुँचे आरंभिक चेर (संगम युग)
78 ई. शक संवत का आरंभ पश्चिमी क्षत्रप
लगभग 100 ई. कार्ले और नासिक के चैत्य-गृह सातवाहन साम्राज्य
लगभग 124 ई. गौतमीपुत्र शातकर्णी ने नहपान को हराया
सातवाहनों ने क्षहरातों से पश्चिमी दक्कन वापस ले लिया।
सातवाहन साम्राज्य
लगभग 127 ई. कनिष्क का राज्यारोहण कुषाण साम्राज्य
लगभग 150 ई. रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख पश्चिमी क्षत्रप
लगभग 230 ई. पश्चिमी कुषाण प्रदेशों पर ससानी विजय
कुषाणशाह राज्यपाल ससानियों के अधीन बैक्ट्रिया पर शासन करने लगे।
कुषाण साम्राज्य
लगभग 240 ई. श्रीगुप्त ने गुप्त वंश की नींव रखी गुप्त साम्राज्य
लगभग 250 ई. इक्ष्वाकुओं के अधीन नागार्जुनकोंडा का उत्कर्ष विजयपुरी के इक्ष्वाकु
लगभग 275 ई. कांची में पल्लव शासन का आरंभ पल्लव वंश

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संदर्भ ग्रंथ

A History of Sri Lanka

K. M. de Silva · Penguin

अनुराधापुर से स्वतंत्रता तक श्रीलंका का मानक इतिहास।

सामान्य पठन
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📄 शोध-पत्र

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🇮🇳 भारतीय विद्वत्ता

The Image of the Barbarian in Early India

Romila Thapar · 1971
Comparative Studies in Society and History 13(4): 408–436

आरंभिक भारतीय ग्रंथों में बाहरी लोगों — म्लेच्छ — का वर्णन, और उससे समाज के बारे में क्या पता चलता है।

✓ क्रॉसरेफ़ से सत्यापित · 27 Sep 2026 · लेखकों का मूल लेख, प्रकाशक की साइट पर
प्रकाशक की साइट पर पढ़ें ↗गूगल स्कॉलर ↗doi:10.1017/S0010417500006393
शोध-पत्र🏛 पुस्तकालय द्वारा
🇮🇳 भारतीय विद्वत्ता

Cults and shrines in early historical Mathura (c. 200 BC–AD 200)

Upinder Singh · 2004
World Archaeology 36(3): 378–398

मूर्तियों और अभिलेखों से मथुरा में बौद्ध, जैन, ब्राह्मण और स्थानीय पंथों का साथ-साथ अस्तित्व।

✓ क्रॉसरेफ़ से सत्यापित · 27 Sep 2026 · लेखकों का मूल लेख, प्रकाशक की साइट पर
प्रकाशक की साइट पर पढ़ें ↗गूगल स्कॉलर ↗doi:10.1080/0043824042000282803
शोध-पत्र🏛 पुस्तकालय द्वारा
🇮🇳 भारतीय विद्वत्ता

The Yavana Presence in Ancient India

Himanshu Prabha Ray · 1988
Journal of the Economic and Social History of the Orient 31(3): 311–325

प्राचीन भारत में यूनानी और अन्य पश्चिमी लोग ('यवन'): व्यापारी, दानदाता और बसने वाले।

✓ क्रॉसरेफ़ से सत्यापित · 27 Sep 2026 · लेखकों का मूल लेख, प्रकाशक की साइट पर
प्रकाशक की साइट पर पढ़ें ↗गूगल स्कॉलर ↗doi:10.1163/156852088X00188
शोध-पत्र🏛 पुस्तकालय द्वारा
🇮🇳 भारतीय विद्वत्ता

Forms of Production and Forces of Change in Ancient Tamil Society

Rajan Gurukkal · 1989
Studies in History 5(2): 159–175

संगम युग की पशुपालक, कृषक और तटीय अर्थव्यवस्थाएँ और उनमें परिवर्तन।

✓ क्रॉसरेफ़ से सत्यापित · 27 Sep 2026 · लेखकों का मूल लेख, प्रकाशक की साइट पर
प्रकाशक की साइट पर पढ़ें ↗गूगल स्कॉलर ↗doi:10.1177/025764308900500201

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