A History of Ancient and Early Medieval India
प्राचीन भारत पर सबसे संपूर्ण आधुनिक पाठ्यपुस्तक, स्रोतों, मानचित्रों और पुरातत्व से भरपूर।
कांची का तमिल वंश; महाबलीपुरम के तट मंदिर और रथ।
समय के साथ अनुमानित विस्तार (ठोस = नवीनतम, बिंदुदार = पहले का)।
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चुने हुए शासक; सूची में अंतराल का अर्थ राजवंश में अंतराल नहीं है।
| वर्ष | घटना | स्थान |
|---|---|---|
| लगभग 275 ई. | कांची में पल्लव शासन का आरंभ कांचीपुरम को राजधानी बनाकर पल्लव सातवाहनों के बाद शक्ति में आए और 9वीं शताब्दी ई. के उत्तरार्ध तक शासन किया। |
कांचीपुरम |
| 642 ई. | नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापी जीती महेंद्रवर्मन प्रथम और उनके पुत्र नरसिंहवर्मन प्रथम के समय पल्लव शिखर पर पहुँचे; ‘मामल्ल’ कहलाने वाले नरसिंहवर्मन ने पुलकेशिन द्वितीय को हराकर बादामी जीता, फिर तुंगभद्रा को अलिखित सीमा मानकर लौट आए। पुलकेशिन द्वितीय मारा गया और नरसिंहवर्मन ने 'वातापीकोंड' की उपाधि ली। |
बादामी |
| लगभग 700 ई. | महाबलीपुरम का तट मंदिर मामल्लपुरम का तट मंदिर पल्लव राजा नरसिंहवर्मन द्वितीय के शासनकाल में बना। |
महाबलीपुरम |
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