⚠ भूगोल · प्राकृतिक संकट

भूकंप, बाढ़, चक्रवात और अन्य

भारत कहाँ सबसे अधिक जोखिम में है, क्यों, और आपदाओं को कैसे रोका और प्रबंधित किया जाता है — हर तथ्य NCERT की कक्षा 11 की भूगोल पुस्तक से।

मानचित्रों में भारत की सीमाएँ भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से दर्शाए अनुसार हैं। कोई राज्य तभी रंगा गया है जब NCERT पूरे राज्य का नाम लेता है; NCERT के अपने क्षेत्र-मानचित्र राज्यों के भीतर अधिक बारीकी दिखाते हैं।

संकट और आपदाएँ

आपदा क्या है?

एक अवांछित घटना, जो बड़े पैमाने पर मनुष्य के नियंत्रण से बाहर है, बहुत कम या बिना चेतावनी के अचानक आती है, जीवन और संपत्ति को गंभीर रूप से प्रभावित करती है, और सामान्य आपात सेवाओं से अधिक सहायता माँगती है।

संकट या आपदा?

प्राकृतिक संकट पर्यावरण की वह स्थिति है जो हानि पहुँचा सकती है — महासागरीय धाराएँ, हिमालय के खड़े अस्थिर ढाल, मरुस्थल या हिमनदीय क्षेत्रों की चरम जलवायु। यह आपदा तब बनता है जब इससे बड़े पैमाने पर अचानक मृत्यु, संपत्ति की हानि और व्यवधान हो।

मानव-जनित आपदाएँ

कुछ आपदाएँ सीधे मनुष्य के कारण होती हैं — भोपाल गैस त्रासदी, चेर्नोबिल परमाणु आपदा, युद्ध, CFC और ग्रीनहाउस गैसें, प्रदूषण। कुछ को मनुष्य परोक्ष रूप से बढ़ाता है: वनोन्मूलन, अवैज्ञानिक भूमि-उपयोग और नाज़ुक क्षेत्रों में निर्माण से भूस्खलन और बाढ़।

चार प्रकार

वायुमंडलीय (हिम-झंझावात, तड़ित-झंझा, आकाशीय बिजली, टॉरनेडो, उष्णकटिबंधीय चक्रवात, सूखा, ओलावृष्टि, पाला, लू, शीत लहर); स्थलीय (भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट, भूस्खलन, हिमस्खलन, धँसाव, मृदा अपरदन); जलीय (बाढ़, ज्वारीय तरंगें, तूफ़ानी महोर्मि, सुनामी); जैविक (टिड्डी, कीट-प्रकोप, बर्ड फ़्लू और डेंगू जैसे रोग)।

वैश्विक प्रयास

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1989 में आपदाओं का मुद्दा उठाया; योकोहामा, जापान (23–27 मई 1994) में प्राकृतिक आपदा न्यूनीकरण पर विश्व सम्मेलन ने ‘सुरक्षित विश्व के लिए योकोहामा रणनीति और कार्य-योजना’ अपनाई, और 1990–2000 को अंतर्राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा न्यूनीकरण दशक घोषित किया गया।

🌍 भूकंप

प्लेट की गतिलगभग 1 सेमी प्रति वर्ष, उत्तर और उत्तर-पूर्व
क्षेत्रपाँच क्षति-जोखिम क्षेत्र

🌊 सुनामी

तट के पास लहर की ऊँचाई15 मीटर या अधिक तक
26 दिसंबर 20043,00,000 से अधिक मृत्यु

🌀 उष्णकटिबंधीय चक्रवात

आकार500–1,000 किमी चौड़े, 12–14 किमी ऊँचे
तट पर औसत पवन-वेग180 किमी/घंटा

💧 बाढ़

बाढ़-प्रवण भूमि4 करोड़ हेक्टेयर (राष्ट्रीय बाढ़ आयोग)

☀ सूखा

सूखा-प्रवण क्षेत्रभारत का लगभग 30%
हर वर्ष प्रभावित19% क्षेत्र, 12% लोग

⛰ भूस्खलन

🛡 आपदा प्रबंधनआपदा प्रबंधन विधेयक, 2005 आपदा को प्राकृतिक या मानव-जनित कारणों से होने वाली ऐसी विपदा बताता है जो प्रभावित समुदाय की सहन-क्षमता से बाहर हो। प्रबंधन के तीन चरण हैं: पहले (आँकड़े, संवेदनशीलता मानचित्र, जागरूकता, तैयारी), दौरान (बचाव, निकासी, आश्रय, भोजन, पानी, चिकित्सा) और बाद में (पुनर्वास, पुनर्प्राप्ति और क्षमता-निर्माण)। भारत का लगभग दो-तिहाई क्षेत्र और जनसंख्या आपदाओं के प्रति संवेदनशील है; सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान बनाया गया।
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📘 NCERT Class 11, India: Physical Environment, Ch. 6 (Natural Hazards and Disasters) ↗

हम कैसे जाँचते हैं: हर तथ्य NCERT कक्षा 11, ‘भारत: भौतिक पर्यावरण’ (अध्याय 6) से लिखा गया है, और जब तक हर अंश के मुख्य वाक्यांश अध्याय के अपने पाठ में न मिलें, हमारा बिल्ड विफल हो जाता है। नगरों के स्थान Natural Earth से; समुद्रों की रूपरेखा Natural Earth के सार्वजनिक भौतिक डेटा से।