⚔ युद्ध

चंगेज़ ख़ान ने जलालुद्दीन का सिंधु तक पीछा किया

1221 – वर्तमान · 📍 सिंधु नदी

चंगेज़ ख़ान की सेना की एक टुकड़ी ने ख़्वारिज़्म के सुल्तान के पुत्र जलालुद्दीन का अफ़ग़ानिस्तान और सिंध तक पीछा किया। सिंधु के तट पर चंगेज़ ख़ान ने उत्तर भारत और असम होकर मंगोलिया लौटने का विचार किया, पर गर्मी, भूभाग और अपने शमन (ओझा) के अपशकुनों ने उसका मन बदल दिया।

परिणाम: जलालुद्दीन सिंधु पार भाग निकला और इल्तुतमिश ने उसे शरण देने से इनकार किया।
🗺 1221 का मानचित्र देखें

बड़ा बिंदु यह युद्ध है; छोटे बिंदु उसी स्थान पर हुए अन्य युद्ध हैं।

♻ बार-बार युद्ध का स्थल

इस स्थान के 40 किमी के भीतर हुए अन्य युद्ध।

लगभग 180 ई.पू.डेमेट्रियस प्रथम का उत्तर-पश्चिम भारत पर आक्रमण → हिंदूकुश के दक्षिण में हिंद-यूनानी शासन की स्थापना हुई। 1008छछ का युद्ध → आनंदपाल का गठबंधन हारा, जिससे पंजाब महमूद के लिए खुल गया।

इसी दौरान (10 वर्षों के भीतर)

  1. 1211 इल्तुतमिश सुल्तान बना · मामलुक (ग़ुलाम) वंश
  2. 1228 सुकाफ़ा ने अहोम राज्य की स्थापना की · अहोम राज्य
  3. 1229 इल्तुतमिश को ख़लीफ़ा से मान्यता-पत्र मिला · मामलुक (ग़ुलाम) वंश

उस समय जीवित

ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
लगभग 1141 – लगभग 1236
अजमेर में भारत में चिश्ती सिलसिले की स्थापना करने वाले सूफ़ी संत
चंगेज़ ख़ाँ
लगभग 1162 – लगभग 1227
1221 में सिंधु तक पहुँचने वाला मंगोल विजेता
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