📄 पुनरावृत्ति पत्रक · YugMap
कंपनी शासन (1757–1856)
1757 – 1856
प्रमुख घटनाएँ
| 1757 | प्लासी का युद्ध |
| 1760 | वांडीवाश का युद्ध |
| 1761 | पानीपत का तीसरा युद्ध |
| 1764 | बक्सर का युद्ध |
| 1765 | बंगाल की दीवानी प्रदान |
| 1767 | प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध |
| 1769 | मद्रास की संधि |
| 1770 | बंगाल का महान अकाल |
| 1773 | रेग्युलेटिंग एक्ट; वॉरेन हेस्टिंग्स गवर्नर-जनरल |
| 1775 | प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध का आरंभ |
| 1780 | पोल्लिलूर का युद्ध |
| 1782 | सालबाई की संधि |
| 1784 | एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना |
| 1784 | मंगलौर की संधि |
| 1792 | श्रीरंगपट्टनम की संधि |
| 1793 | बंगाल का स्थायी बंदोबस्त |
| 1795 | खरदा का युद्ध |
| 1798 | हैदराबाद ने सहायक संधि स्वीकार की |
| 1799 | श्रीरंगपट्टनम का पतन |
| 1799 | रणजीत सिंह ने लाहौर जीता |
| 1803 | असाये का युद्ध |
| 1803 | अंग्रेज़ों ने दिल्ली जीती |
| 1806 | वेल्लोर विद्रोह |
| 1809 | अमृतसर की संधि से सतलुज सीमा तय |
| 1814 | आंग्ल-नेपाल युद्ध: नालापानी की घेराबंदी |
| 1816 | सुगौली की संधि |
| 1817 | खड़की का युद्ध |
| 1818 | तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध समाप्त |
| 1824 | कंपनी के विरुद्ध कित्तूर विद्रोह |
| 1826 | यांडाबो की संधि |
| 1828 | ब्रह्म समाज की स्थापना |
| 1829 | सती प्रथा का उन्मूलन |
| 1835 | अंग्रेज़ी शिक्षा अधिनियम |
| 1839 | महाराजा रणजीत सिंह की मृत्यु |
| 1843 | सिंध का विलय |
| 1845 | प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध |
| 1846 | गुलाब सिंह को जम्मू-कश्मीर सौंपा गया |
| 1848 | सतारा पर व्यपगत का सिद्धांत लागू |
| 1849 | पंजाब का विलय |
| 1853 | पहली यात्री रेल: बंबई से ठाणे |
मुख्य शब्द
- दामिन-इ-कोह
- राजमहल की पहाड़ियों में 1832 तक संथालों के लिए सीमांकित भूमि, जहाँ उन्हें हल से खेती करने वाले स्थायी किसान बनना था। (NCERT Class 12, Colonialism and the Countryside)
- झूम खेती
- वनों के छोटे टुकड़ों पर स्थानांतरी खेती, जिसमें पेड़ों के ऊपरी भाग काटकर और वनस्पति जलाकर ज़मीन साफ़ की जाती है। (NCERT Class 8, Tribals, Dikus and the Vision of a Golden Age)
- महालवाड़ी
- राजस्व व्यवस्था (1822 से) जिसमें राजस्व गाँव-गाँव (महाल) के हिसाब से तय होता और मुखिया वसूलता था। (NCERT Class 8, Ruling the Countryside)
- स्थायी बंदोबस्त
- 1793 से ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल के हर ज़मींदार का राजस्व तय किया; न चुकाने वालों की ज़मींदारियाँ नीलाम होती थीं। (NCERT Class 12, Colonialism and the Countryside)
- रैयतवाड़ी
- राजस्व व्यवस्था, जैसे बंबई दक्कन में, जिसमें राजस्व सीधे रैयत (किसान) से तय होता था। (NCERT Class 12, Colonialism and the Countryside)
- सहायक संधि
- ऐसी संधि जिसके तहत शासक अपनी सेना भंग करता, अपने राज्य में ब्रिटिश सेना रखने देता और ब्रिटिश रेज़िडेंट की सलाह पर चलता — 1801 में अवध पर थोपी गई। (NCERT Class 12, Rebels and the Raj)
आगे क्या
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