तानसेन

कलाकार / संगीतकार मुग़ल साम्राज्य
लगभग 1500 – लगभग 1589

अकबर के दरबार के संगीतज्ञ और नवरत्नों में से एक.

🗺 उनके समय का मानचित्र देखें

उस समय के शासक

कुजुल कडफिसेस
सम्राट, कुषाण साम्राज्य · लगभग 30 ई. – लगभग 80 ई.
विम तक्तु
सम्राट, कुषाण साम्राज्य · लगभग 80 ई. – लगभग 95 ई.
वासिष्ठीपुत्र पुलुमावि
राजा, सातवाहन साम्राज्य · लगभग 130 ई. – लगभग 159 ई.
हुविष्क
सम्राट, कुषाण साम्राज्य · लगभग 150 ई. – लगभग 190 ई.
यज्ञश्री शातकर्णि
राजा, सातवाहन साम्राज्य · लगभग 170 ई. – लगभग 199 ई.
वासुदेव प्रथम
सम्राट, कुषाण साम्राज्य · लगभग 190 ई. – लगभग 230 ई.
श्रीगुप्त
महाराजा, गुप्त साम्राज्य · लगभग 240 ई. – लगभग 280 ई.
महासेन
राजा, अनुराधापुर राज्य · लगभग 274 ई. – लगभग 301 ई.
घटोत्कच
महाराजा, गुप्त साम्राज्य · लगभग 280 ई. – लगभग 319 ई.
चंद्रगुप्त प्रथम
महाराजाधिराज, गुप्त साम्राज्य · लगभग 319 ई. – लगभग 335 ई.
समुद्रगुप्त
महाराजाधिराज, गुप्त साम्राज्य · लगभग 335 ई. – लगभग 375 ई.
चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
महाराजाधिराज, गुप्त साम्राज्य · लगभग 375 ई. – लगभग 415 ई.
कुमारगुप्त प्रथम
महाराजाधिराज, गुप्त साम्राज्य · लगभग 415 ई. – लगभग 455 ई.
स्कंदगुप्त
महाराजाधिराज, गुप्त साम्राज्य · लगभग 455 ई. – लगभग 467 ई.
धातुसेन
राजा, अनुराधापुर राज्य · लगभग 455 ई. – लगभग 473 ई.
बुधगुप्त
महाराजाधिराज, गुप्त साम्राज्य · लगभग 477 ई. – लगभग 495 ई.
कश्यप प्रथम
राजा, अनुराधापुर राज्य · लगभग 477 ई. – लगभग 495 ई.
पुलकेशिन प्रथम
राजा, बादामी के चालुक्य · लगभग 543 ई. – लगभग 566 ई.
कीर्तिवर्मन प्रथम
राजा, बादामी के चालुक्य · लगभग 566 ई. – लगभग 597 ई.
सिंहविष्णु
राजा, पल्लव वंश · लगभग 575 ई. – लगभग 600 ई.
प्रभाकरवर्धन
राजा, पुष्यभूति (वर्धन) वंश · लगभग 580 ई. – लगभग 605 ई.
मंगलेश
राजा, बादामी के चालुक्य · लगभग 597 ई. – लगभग 609 ई.
महेंद्रवर्मन प्रथम
राजा, पल्लव वंश · लगभग 600 ई. – लगभग 630 ई.
राज्यवर्धन
राजा, पुष्यभूति (वर्धन) वंश · 605 ई. – 606 ई.

उनके जीवनकाल की घटनाएँ

1504 सिकंदर लोदी ने आगरा बसाया
आगरा लोदियों और बाद में मुग़लों की राजधानी बना।
1505 पुर्तगाली श्रीलंका पहुँचे
1509 कृष्णदेवराय का राज्यारोहण
1509 दीव का युद्ध
अरब सागर में पुर्तगाली नौसैनिक वर्चस्व स्थापित हुआ।
1510 पुर्तगालियों ने गोवा जीता
गोवा 1961 तक पुर्तगाली 'एस्तादो दा इंडिया' की राजधानी बना रहा।
1520 कृष्णदेवराय ने रायचूर जीता
विजयनगर ने बीजापुर से रायचूर दोआब जीत लिया।
1526 पानीपत का पहला युद्ध
इब्राहीम लोदी मारा गया और बाबर ने मुग़ल साम्राज्य की स्थापना की।
1527 खानवा का युद्ध
बाबर ने राणा सांगा के राजपूत संघ को हराकर उत्तर में मुग़ल शासन सुरक्षित किया।
1529 घाघरा का युद्ध
बाबर ने पूर्व के अफ़ग़ान सरदारों को हराया।
1530 बाबर की मृत्यु; हुमायूँ उत्तराधिकारी
1535 हुमायूँ ने मांडू और चंपानेर जीते
1539 चौसा का युद्ध
हुमायूँ हारा और गंगा तैरकर बच निकला।
1540 कन्नौज का युद्ध
हुमायूँ निर्वासन में भागा और शेरशाह ने सूर साम्राज्य की स्थापना की।
1541 शेरशाह ने रोहतास क़िले का निर्माण आरंभ किया
1545 कालिंजर में शेरशाह की मृत्यु
1555 हुमायूँ ने दिल्ली वापस ली (सरहिंद का युद्ध)
हुमायूँ ने सूरों से अपना सिंहासन वापस पाया।
1556 पानीपत का दूसरा युद्ध
हेमू पकड़ा गया और मारा गया, जिससे अकबर का सिंहासन सुरक्षित हुआ।
1558 पुर्तगालियों ने माले पर क़ब्ज़ा किया
1559 द्रव्य शाह ने गोरखा राज्य की स्थापना की
1564 अकबर ने जज़िया समाप्त किया
1565 तालीकोटा का युद्ध
विजयनगर की सेना बिखर गई और उसकी राजधानी हम्पी लूट ली गई।
1568 अकबर ने चित्तौड़गढ़ जीता
चित्तौड़ का पतन हुआ और राणा उदय सिंह ने राजधानी उदयपुर ले गए।
1571 फ़तेहपुर सीकरी की स्थापना
1573 अकबर ने गुजरात जीता
1573 मुहम्मद ठाकुरुफ़ानु ने मालदीव को मुक्त कराया
पंद्रह वर्ष बाद पुर्तगालियों को निकाल दिया गया।
1576 हल्दीघाटी का युद्ध
मैदान मुग़लों के हाथ रहा, पर महाराणा प्रताप बचकर प्रतिरोध जारी रखने निकल गए।
1576 राजमहल का युद्ध: मुग़लों ने बंगाल लिया
दाऊद ख़ान कर्रानी मारा गया और बंगाल मुग़ल सूबा बन गया।
1580 अकबर ने साम्राज्य को सूबों में बाँटा
साम्राज्य को एकसमान प्रशासन वाले बारह प्रांतों में बाँटा गया।
1582 अकबर का दीन-ए-इलाही
1586 मुग़लों ने कश्मीर मिलाया

समकालीन

कबीर
लगभग 1440 – लगभग 1518
अपने दोहों के लिए प्रसिद्ध वाराणसी के भक्ति कवि-संत
श्रीमंत शंकरदेव
लगभग 1449 – लगभग 1568
एकशरण धर्म और सत्रों की स्थापना करने वाले असमिया संत
वास्को द गामा
लगभग 1460 – लगभग 1524
1498 में कालीकट पहुँचने वाले पुर्तगाली नाविक
गुरु नानक
1469 – 1539
सिख धर्म के संस्थापक और पहले सिख गुरु
मलिक मुहम्मद जायसी
लगभग 1477 – लगभग 1542
अवधी महाकाव्य पद्मावत के रचयिता
सूरदास
लगभग 1478 – लगभग 1583
सूरसागर के नेत्रहीन भक्ति कवि
पुरंदर दास
लगभग 1484 – लगभग 1564
'कर्नाटक संगीत के पितामह' कहे जाते हैं
चैतन्य महाप्रभु
1486 – 1534
गौड़ीय वैष्णव परंपरा के प्रेरक बंगाल के भक्ति संत
मीराबाई
लगभग 1498 – लगभग 1547
कृष्ण को समर्पित राजपूत राजकुमारी और भक्ति कवयित्री
गुरु रविदास
active लगभग 1500
भक्ति संत जिनकी वाणी गुरु ग्रंथ साहिब में है
बैरम ख़ाँ
1501 – 1561
युवा अकबर के संरक्षक
हेमू (हेमचंद्र विक्रमादित्य)
लगभग 1501 – लगभग 1556
पानीपत की दूसरी लड़ाई में पराजित सूर सेनापति
गुरु अंगद
1504 – 1552
गुरमुखी लिपि का मानकीकरण करने वाले दूसरे सिख गुरु
फ़्रांसिस ज़ेवियर
1506 – 1552
जेसुइट मिशनरी जिनके अवशेष गोवा में हैं
डोमिंगो पेस
active लगभग 1520
कृष्णदेवराय की राजधानी का वर्णन करने वाले पुर्तगाली यात्री
तेनालीराम (तेनाली रामकृष्ण)
active लगभग 1520
कृष्णदेवराय के दरबार में अपनी बुद्धिमत्ता के लिए प्रसिद्ध तेलुगु कवि
अल्लसानी पेद्दन्ना
active लगभग 1520
'आंध्र कविता पितामह', अष्टदिग्गजों में प्रमुख
गुलबदन बेगम
1523 – 1603
हुमायूँनामा लिखने वाली बाबर की पुत्री
रानी दुर्गावती
1524 – 1564
अकबर की सेना से लड़ते हुए वीरगति पाने वाली गढ़ा-कटंगा की गोंड रानी
बीरबल
1528 – 1586
अकबर के दरबार के मंत्री और प्रसिद्ध हाज़िरजवाब
तुलसीदास
लगभग 1532 – लगभग 1623
रामचरितमानस के रचयिता
अब्दुल क़ादिर बदायूँनी
लगभग 1540 – लगभग 1615
मुंतख़ब-उत-तवारीख़ लिखने वाले इतिहासकार
अबुल फ़ज़ल
1551 – 1602
अकबरनामा और आइन-ए-अकबरी के लेखक
अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
1556 – 1627
रहीम के दोहों के कवि और अकबर के सेनापति

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