India's Ancient Past
पुरानी NCERT की क्लासिक प्राचीन भारत पुस्तक का विस्तारित रूप; स्पष्ट और परीक्षा-उपयोगी।
पाटलिपुत्र में यूनानी राजदूत, जिन्होंने इंडिका लिखी.
किसी भी वर्ष में उनकी आयु, तब का शासक और घटनाएँ देखने के लिए चार्ट पर पॉइंटर घुमाइए; खोलने के लिए किसी भी चीज़ पर क्लिक कीजिए।
मानचित्र उनके जीवनकाल के आसपास मौर्य साम्राज्य को और उनके जीवनकाल की घटनाओं के स्थान दिखाता है।
घटना देखने के लिए बिंदु पर पॉइंटर रखिए; उस वर्ष का पूरा मानचित्र खोलने के लिए क्लिक कीजिए।
| 327 ई.पू. | सिकंदर हिंदूकुश पार कर गांधार में |
| 326 ई.पू. | झेलम (हाइडेस्पीज़) का युद्ध सिकंदर जीता, पर उसने पोरस को अधीन राजा के रूप में राज्य लौटा दिया। |
| 326 ई.पू. | ब्यास पर सिकंदर की सेना का विद्रोह सिकंदर लौट पड़ा और 325 ई.पू. में भारत छोड़ गया। |
| 325 ई.पू. | सिकंदर की सेना सिंधु नदी में नीचे की ओर चली |
| लगभग 321 ई.पू. | चंद्रगुप्त मौर्य ने नंदों को उखाड़ फेंका नंद वंश समाप्त हुआ और मौर्य साम्राज्य की स्थापना हुई। |
| लगभग 317 ई.पू. | चंद्रगुप्त ने सिकंदर के क्षत्रपों से उत्तर-पश्चिम लिया सिंधु के पूर्व से यूनानी सैनिक टुकड़ियाँ हटा दी गईं। |
| लगभग 303 ई.पू. | सेल्यूकस-मौर्य संधि सेल्यूकस ने 500 युद्ध-हाथियों के बदले सिंधु के पश्चिम के प्रदेश सौंप दिए। |
| लगभग 302 ई.पू. | पाटलिपुत्र में मेगस्थनीज़ ने इंडिका लिखी |
| लगभग 297 ई.पू. | चंद्रगुप्त मौर्य श्रवणबेलगोला में संन्यास लेकर गए |
जीवनकाल के साझा वर्षों के अनुसार क्रमबद्ध। पट्टी दिखाती है कि मेगस्थनीज़ के जीवन में कब।
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प्राचीन भारत पर सबसे संपूर्ण आधुनिक पाठ्यपुस्तक, स्रोतों, मानचित्रों और पुरातत्व से भरपूर।
प्रारंभिक भारतीय समाज और राज्यों का प्रामाणिक, व्याख्यात्मक इतिहास।
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