A History of South India
प्रागैतिहास से विजयनगर के पतन तक दक्षिण भारत का क्लासिक सर्वेक्षण।
किसी भी वर्ष में उनकी आयु, तब का शासक और घटनाएँ देखने के लिए चार्ट पर पॉइंटर घुमाइए; खोलने के लिए किसी भी चीज़ पर क्लिक कीजिए।
मानचित्र उनके जीवनकाल के आसपास चोल साम्राज्य को और उनके जीवनकाल की घटनाओं के स्थान दिखाता है।
घटना देखने के लिए बिंदु पर पॉइंटर रखिए; उस वर्ष का पूरा मानचित्र खोलने के लिए क्लिक कीजिए।
| 1153 | मालदीव ने इस्लाम अपनाया |
| 1153 | पराक्रमबाहु प्रथम का श्रीलंका पर शासन |
| लगभग 1161 | पाल वंश का अंत सेन बंगाल की प्रमुख शक्ति बन गए। |
| 1175 | मुहम्मद ग़ोरी ने मुल्तान जीता |
| 1178 | कासहृद का युद्ध: ग़ोरी पराजित मुहम्मद ग़ोरी को गुजरात से खदेड़ दिया गया। |
| 1186 | ग़ोरियों ने लाहौर लिया, ग़ज़नवियों का अंत अंतिम ग़ज़नवी शासक ख़ुसरो मलिक बंदी बना लिया गया। |
| लगभग 1190 | जाम की मीनार का निर्माण |
| 1191 | तराइन का पहला युद्ध पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद ग़ोरी को हराया, जो घायल होकर लौट गया। |
| 1192 | तराइन का दूसरा युद्ध पृथ्वीराज चौहान पराजित होकर मारा गया, और उत्तर भारत ग़ोरियों के लिए खुल गया। |
| 1194 | चंदावर का युद्ध जयचंद्र मारा गया और ग़ोरियों ने कन्नौज व वाराणसी ले लिए। |
| लगभग 1200 | नालंदा का विनाश |
| लगभग 1203 | विक्रमशिला का विनाश |
| लगभग 1204 | बख़्तियार ख़िलजी ने नदिया जीता लक्ष्मण सेन पूर्वी बंगाल भाग गया और बंगाल में तुर्क शासन आरंभ हुआ। |
| 1206 | दिल्ली सल्तनत की स्थापना |
जीवनकाल के साझा वर्षों के अनुसार क्रमबद्ध। पट्टी दिखाती है कि कंबन के जीवन में कब।
प्रागैतिहास से विजयनगर के पतन तक दक्षिण भारत का क्लासिक सर्वेक्षण।
चोल साम्राज्य, उसके राजाओं और प्रशासन का निर्णायक अध्ययन।
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