Our Pasts I, II & III (Classes 6–8)
शुरुआत का सबसे आसान रास्ता: छोटी, सचित्र और अनगिनत परीक्षा प्रश्नों का आधार।
किसी भी वर्ष में उनकी आयु, तब का शासक और घटनाएँ देखने के लिए चार्ट पर पॉइंटर घुमाइए; खोलने के लिए किसी भी चीज़ पर क्लिक कीजिए।
मानचित्र उनके जीवनकाल के आसपास पुष्यभूति (वर्धन) वंश को और उनके जीवनकाल की घटनाओं के स्थान दिखाता है।
घटना देखने के लिए बिंदु पर पॉइंटर रखिए; उस वर्ष का पूरा मानचित्र खोलने के लिए क्लिक कीजिए।
| 606 ई. | हर्ष राजा बना |
| लगभग 612 ई. | हर्ष ने कन्नौज को राजधानी बनाया कन्नौज उत्तर भारत का साम्राज्यिक नगर बन गया। |
| लगभग 618 ई. | पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा पर हर्ष को हराया नर्मदा हर्ष के साम्राज्य की दक्षिणी सीमा बन गई। |
| 634 ई. | रविकीर्ति का ऐहोल अभिलेख |
| लगभग 636 ई. | ह्वेनसांग का नालंदा में अध्ययन |
| 642 ई. | नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापी जीती पुलकेशिन द्वितीय मारा गया और नरसिंहवर्मन ने 'वातापीकोंड' की उपाधि ली। |
| 643 ई. | कन्नौज और प्रयाग में हर्ष की सभाएँ |
| 647 ई. | हर्ष की मृत्यु |
जीवनकाल के साझा वर्षों के अनुसार क्रमबद्ध। पट्टी दिखाती है कि बाणभट्ट के जीवन में कब।
शुरुआत का सबसे आसान रास्ता: छोटी, सचित्र और अनगिनत परीक्षा प्रश्नों का आधार।
हड़प्पा, विजयनगर, मुग़ल दरबार और 1857 पर स्रोत-आधारित अध्याय — UPSC के लिए अनिवार्य।
कला और स्थापत्य के प्रश्नों का मानक आधार — स्तूप, मंदिर और मूर्तिकला।
योग्य ख़रीद पर हमें थोड़ा कमीशन मिल सकता है, आपको कोई अतिरिक्त ख़र्च नहीं। सभी अनुशंसित पुस्तकें देखें →