A History of South India
प्रागैतिहास से विजयनगर के पतन तक दक्षिण भारत का क्लासिक सर्वेक्षण।
हर्ष, बादामी के चालुक्य, पल्लव, मैत्रक और अनेक क्षेत्रीय राज्य।
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| नाम | प्रकार | अवधि | क्षेत्र | राजधानी |
|---|---|---|---|---|
| पल्लव वंश ★ | राजवंश | लगभग 275 ई. – लगभग 897 ई. | दक्षिण | कांचीपुरम |
| पुष्यभूति (वर्धन) वंश ★ | राजवंश | लगभग 500 ई. – लगभग 647 ई. | उत्तर | थानेसर, बाद में कन्नौज |
| बादामी के चालुक्य ★ | राजवंश | लगभग 543 ई. – लगभग 753 ई. | दक्कन | वातापी (बादामी) |
| मैत्रक वंश | राजवंश | लगभग 475 ई. – लगभग 776 ई. | पश्चिम | वलभी |
| सिंध का राय वंश | राजवंश | लगभग 489 ई. – लगभग 632 ई. | उत्तर-पश्चिम | अरोड़ |
| मगध के उत्तर गुप्त | राजवंश | लगभग 490 ई. – लगभग 750 ई. | पूर्व | मगध |
| मौखरि वंश | राजवंश | लगभग 550 ई. – लगभग 606 ई. | गंगा का मैदान | कन्नौज |
| गौड़ राज्य (शशांक) | राज्य | लगभग 590 ई. – लगभग 626 ई. | पूर्व | कर्णसुवर्ण |
| पांड्य राज्य (प्रथम साम्राज्य) | राज्य | लगभग 590 ई. – लगभग 920 ई. | दक्षिण | मदुरै |
| वेंगी के पूर्वी चालुक्य | राजवंश | लगभग 624 ई. – लगभग 1075 | दक्कन | वेंगी |
| कश्मीर का कार्कोट वंश | राजवंश | लगभग 625 ई. – लगभग 855 ई. | उत्तर | परिहासपुर / श्रीनगर |
| सिंध का ब्राह्मण वंश (चच) | राजवंश | लगभग 632 ई. – लगभग 712 ई. | उत्तर-पश्चिम | अरोड़ |
| तुर्क शाही | राजवंश | लगभग 665 ई. – लगभग 822 ई. | उत्तर-पश्चिम | काबुल |
| वर्ष | घटना | राज्य |
|---|---|---|
| लगभग 550 ई. | बामियान में विशाल बुद्ध प्रतिमाएँ उत्कीर्ण | |
| लगभग 550 ई. | साम्राज्यवादी गुप्तों का पतन उत्तर भारत मौखरियों, उत्तरवर्ती गुप्तों और अन्य में बँट गया। |
गुप्त साम्राज्य |
| 606 ई. | हर्ष राजा बना | पुष्यभूति (वर्धन) वंश |
| लगभग 612 ई. | हर्ष ने कन्नौज को राजधानी बनाया कन्नौज उत्तर भारत का साम्राज्यिक नगर बन गया। |
पुष्यभूति (वर्धन) वंश |
| लगभग 618 ई. | पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा पर हर्ष को हराया नर्मदा हर्ष के साम्राज्य की दक्षिणी सीमा बन गई। |
बादामी के चालुक्य |
| 634 ई. | रविकीर्ति का ऐहोल अभिलेख | बादामी के चालुक्य |
| लगभग 636 ई. | ह्वेनसांग का नालंदा में अध्ययन | पुष्यभूति (वर्धन) वंश |
| 642 ई. | नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापी जीती पुलकेशिन द्वितीय मारा गया और नरसिंहवर्मन ने 'वातापीकोंड' की उपाधि ली। |
पल्लव वंश |
| 643 ई. | कन्नौज और प्रयाग में हर्ष की सभाएँ | पुष्यभूति (वर्धन) वंश |
| 647 ई. | हर्ष की मृत्यु | पुष्यभूति (वर्धन) वंश |
| लगभग 700 ई. | महाबलीपुरम का तट मंदिर | पल्लव वंश |
| 712 ई. | मुहम्मद बिन क़ासिम ने सिंध जीता राजा दाहिर मारा गया और सिंध उमय्यद प्रांत बन गया। |
उमय्यद ख़िलाफ़त — सिंध प्रांत |
| लगभग 738 ई. | राजस्थान में अरब बढ़त रोकी गई सिंध के पूर्व में अरब विस्तार सदियों तक रुका रहा। |
गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य |
| लगभग 740 ई. | ललितादित्य का मार्तंड सूर्य मंदिर | कश्मीर का कार्कोट वंश |
| लगभग 750 ई. | बंगाल में गोपाल राजा चुना गया | पाल साम्राज्य |
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