मुग़ल साम्राज्य

1526 – 1857
मानचित्र परत: साम्राज्य और क्षेत्रीय शक्तियाँ

पानीपत में बाबर की विजय से बहादुर शाह द्वितीय के पदच्युत होने तक।

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घटनाएँ
15261600170018001857

इस काल के मुख्य राज्य

नामप्रकारअवधिक्षेत्रराजधानी
कैंडी राज्य ★ राज्य लगभग 1469 – 1815 श्रीलंका सेंकडगल (कैंडी)
मुग़ल साम्राज्य ★ साम्राज्य 1526 – 1857 उत्तर आगरा / फ़तेहपुर सीकरी / दिल्ली (शाहजहानाबाद)
कोच राज्य (कामता / कूचबिहार) राज्य 1515 – 1949 पूर्वोत्तर कामतापुर / कूचबिहार
मदुरै के नायक राज्य 1529 – 1736 दक्षिण मदुरै / तिरुचिरापल्ली
गोरखा राज्य राज्य 1559 – 1768 हिमालय गोरखा
शबद्रुंग के अधीन भूटान (द्रुक देसी) धर्मतांत्रिक राज्य 1616 – 1907 हिमालय पुनाखा
कोचीन राज्य राज्य लगभग 1102 – 1949 दक्षिण कोच्चि / त्रिशूर
चौबीसी और बाईसी रियासतें सरदारियाँ लगभग 1400 – 1786 हिमालय
बीकानेर राज्य राज्य 1465 – 1949 पश्चिम बीकानेर
कांतिपुर (काठमांडू) राज्य 1482 – 1769 हिमालय कांतिपुर (काठमांडू)
ललितपुर (पाटन) राज्य 1482 – 1769 हिमालय ललितपुर (पाटन)
भक्तपुर राज्य 1482 – 1769 हिमालय भक्तपुर
केलदी नायक (इक्केरी) राज्य 1499 – 1763 दक्षिण इक्केरी / बेदनूर
सफ़वी साम्राज्य (पूर्वी प्रांत) विदेशी / उत्तर-पश्चिमी राज्य 1501 – 1736 उत्तर-पश्चिम हेरात
सीतावाका राज्य राज्य 1521 – 1594 श्रीलंका सीतावक
तंजावुर के नायक राज्य 1532 – 1673 दक्षिण तंजावुर
सिक्किम राज्य राज्य 1642 – 1975 पूर्वोत्तर युकसोम, बाद में गंगटोक

इस काल में मौजूद अन्य राज्य

मालवा सल्तनत
मध्य भारत · 1392 – 1562
होलकर राज्य (इंदौर)
मध्य भारत · 1731 – 1948
सिंधिया राज्य (ग्वालियर)
मध्य भारत · 1731 – 1948
नागपुर के भोंसले
मध्य भारत · 1739 – 1853
पुर्तगाली कोचीन
तटीय · 1503 – 1663
पुर्तगाली भारत (एस्तादो दा इंडिया)
तटीय · 1505 – 1961
पुर्तगाली बसई और बंबई
तटीय · 1534 – 1739
पुर्तगाली दीव
तटीय · 1535 – 1961
पुर्तगाली दमन
तटीय · 1559 – 1961
पुर्तगाली हुगली
तटीय · 1579 – 1632
भारत में डच ईस्ट इंडिया कंपनी (वीओसी)
तटीय · 1605 – 1825
डच कोरोमंडल (पुलिकट)
तटीय · 1610 – 1825
डेनिश भारत
तटीय · 1620 – 1869
डेनिश ट्रांकेबार
तटीय · 1620 – 1845
फ़ोर्ट सेंट जॉर्ज, मद्रास
तटीय · 1639 – 1858
डच चिनसुरा
तटीय · 1656 – 1825
डच मालाबार (कोचीन)
तटीय · 1663 – 1795
फ्रांसीसी भारत
तटीय · 1668 – 1954
बंबई (अंग्रेज़ ईस्ट इंडिया कंपनी)
तटीय · 1668 – 1858
चंद्रनगर
तटीय · 1673 – 1950
पांडिचेरी
तटीय · 1674 – 1954
माहे
तटीय · 1721 – 1954
यानम
तटीय · 1731 – 1954
कराईकल
तटीय · 1739 – 1954
डेनिश सेरामपुर
तटीय · 1755 – 1845
बहमनी सल्तनत
दक्कन · 1347 – 1527
अहमदनगर सल्तनत (निज़ाम शाही)
दक्कन · 1490 – 1636
बीजापुर सल्तनत (आदिल शाही)
दक्कन · 1490 – 1686
बरार सल्तनत (इमाद शाही)
दक्कन · 1490 – 1574
बीदर सल्तनत (बरीद शाही)
दक्कन · 1492 – 1619
गोलकुंडा सल्तनत (क़ुतुब शाही)
दक्कन · 1518 – 1687
मराठा साम्राज्य
दक्कन · 1674 – 1818
हैदराबाद राज्य (निज़ाम)
दक्कन · 1724 – 1948
बंगाल सल्तनत
पूर्व · 1352 – 1576
गजपति राज्य
पूर्व · 1434 – 1541
बंगाल के नवाब
पूर्व · 1717 – 1765
रुहेलखंड
गंगा का मैदान · 1721 – 1774
अवध (अवध के नवाब)
गंगा का मैदान · 1722 – 1856
नेपाल का मल्ल वंश
हिमालय · 1201 – 1769
नेपाल राज्य — विस्तार काल
हिमालय · 1768 – 1816
नेपाल राज्य
हिमालय · 1816 – 2008
मालदीव सल्तनत
द्वीप · लगभग 1153 – 1968
दिल्ली सल्तनत
उत्तर · 1206 – 1526
कश्मीर सल्तनत
उत्तर · 1339 – 1586
सूर साम्राज्य
उत्तर · 1540 – 1556
भरतपुर का जाट राज्य
उत्तर · 1722 – 1947
सिख साम्राज्य
उत्तर · 1799 – 1849
अहोम राज्य
पूर्वोत्तर · 1228 – 1826
होतक वंश
उत्तर-पश्चिम · 1709 – 1738
दुर्रानी साम्राज्य
उत्तर-पश्चिम · 1747 – 1823
अफ़ग़ानिस्तान अमीरात
उत्तर-पश्चिम · 1823 – 1926
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
अखिल भारतीय · 1600 – 1858
कालीकट के ज़मोरिन
दक्षिण · लगभग 1124 – 1766
विजयनगर साम्राज्य
दक्षिण · 1336 – 1646
मैसूर राज्य
दक्षिण · 1399 – 1950
कर्नाटक (आरकाट के नवाब)
दक्षिण · 1692 – 1855
त्रावणकोर
दक्षिण · 1729 – 1949
जाफ़ना राज्य
श्रीलंका · लगभग 1215 – 1619
कोट्टे राज्य
श्रीलंका · 1412 – 1597
पुर्तगाली सीलोन
श्रीलंका · 1597 – 1658
डच सीलोन
श्रीलंका · 1658 – 1796
ब्रिटिश सीलोन
श्रीलंका · 1796 – 1948
आमेर (जयपुर) के कछवाहा
पश्चिम · लगभग 1128 – 1949
मारवाड़ (राठौड़)
पश्चिम · लगभग 1226 – 1949
मेवाड़ (सिसोदिया)
पश्चिम · 1326 – 1949
गुजरात सल्तनत
पश्चिम · 1407 – 1573
गायकवाड़ राज्य (बड़ौदा)
पश्चिम · 1721 – 1949

घटनाएँ

वर्षघटनाराज्य
1526 पानीपत का पहला युद्ध
इब्राहीम लोदी मारा गया और बाबर ने मुग़ल साम्राज्य की स्थापना की।
मुग़ल साम्राज्य
1527 खानवा का युद्ध
बाबर ने राणा सांगा के राजपूत संघ को हराकर उत्तर में मुग़ल शासन सुरक्षित किया।
मुग़ल साम्राज्य
1529 घाघरा का युद्ध
बाबर ने पूर्व के अफ़ग़ान सरदारों को हराया।
मुग़ल साम्राज्य
1530 बाबर की मृत्यु; हुमायूँ उत्तराधिकारी मुग़ल साम्राज्य
1535 हुमायूँ ने मांडू और चंपानेर जीते मुग़ल साम्राज्य
1539 चौसा का युद्ध
हुमायूँ हारा और गंगा तैरकर बच निकला।
सूर साम्राज्य
1540 कन्नौज का युद्ध
हुमायूँ निर्वासन में भागा और शेरशाह ने सूर साम्राज्य की स्थापना की।
सूर साम्राज्य
1541 शेरशाह ने रोहतास क़िले का निर्माण आरंभ किया सूर साम्राज्य
1545 कालिंजर में शेरशाह की मृत्यु सूर साम्राज्य
1555 हुमायूँ ने दिल्ली वापस ली (सरहिंद का युद्ध)
हुमायूँ ने सूरों से अपना सिंहासन वापस पाया।
मुग़ल साम्राज्य
1556 पानीपत का दूसरा युद्ध
हेमू पकड़ा गया और मारा गया, जिससे अकबर का सिंहासन सुरक्षित हुआ।
मुग़ल साम्राज्य
1558 पुर्तगालियों ने माले पर क़ब्ज़ा किया पुर्तगाली माले
1559 द्रव्य शाह ने गोरखा राज्य की स्थापना की गोरखा राज्य
1564 अकबर ने जज़िया समाप्त किया मुग़ल साम्राज्य
1565 तालीकोटा का युद्ध
विजयनगर की सेना बिखर गई और उसकी राजधानी हम्पी लूट ली गई।
तुलुव वंश
1568 अकबर ने चित्तौड़गढ़ जीता
चित्तौड़ का पतन हुआ और राणा उदय सिंह ने राजधानी उदयपुर ले गए।
मुग़ल साम्राज्य
1571 फ़तेहपुर सीकरी की स्थापना मुग़ल साम्राज्य
1573 अकबर ने गुजरात जीता मुग़ल साम्राज्य
1573 मुहम्मद ठाकुरुफ़ानु ने मालदीव को मुक्त कराया
पंद्रह वर्ष बाद पुर्तगालियों को निकाल दिया गया।
मालदीव सल्तनत
1576 हल्दीघाटी का युद्ध
मैदान मुग़लों के हाथ रहा, पर महाराणा प्रताप बचकर प्रतिरोध जारी रखने निकल गए।
मेवाड़ (सिसोदिया)
1576 राजमहल का युद्ध: मुग़लों ने बंगाल लिया
दाऊद ख़ान कर्रानी मारा गया और बंगाल मुग़ल सूबा बन गया।
मुग़ल साम्राज्य
1580 अकबर ने साम्राज्य को सूबों में बाँटा
साम्राज्य को एकसमान प्रशासन वाले बारह प्रांतों में बाँटा गया।
मुग़ल साम्राज्य
1582 अकबर का दीन-ए-इलाही मुग़ल साम्राज्य
1586 मुग़लों ने कश्मीर मिलाया मुग़ल साम्राज्य
1591 चारमीनार का निर्माण गोलकुंडा सल्तनत (क़ुतुब शाही)
1600 ईस्ट इंडिया कंपनी को चार्टर मिला ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1601 असीरगढ़ अकबर के हाथ आया मुग़ल साम्राज्य
1602 डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) की स्थापना भारत में डच ईस्ट इंडिया कंपनी (वीओसी)
1604 हरमंदिर साहिब में आदि ग्रंथ की स्थापना
1605 अकबर की मृत्यु मुग़ल साम्राज्य
1606 गुरु अर्जन देव की शहादत
गुरु हरगोबिंद के नेतृत्व में सिख धर्म ने सैन्य स्वरूप अपनाना शुरू किया।
मुग़ल साम्राज्य
1611 मसूलीपट्टनम में अंग्रेज़ी फ़ैक्ट्री ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1612 स्वाली का युद्ध
अंग्रेज़ों ने पुर्तगालियों को हराकर सूरत में व्यापार के अधिकार पाए।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1615 जहाँगीर के दरबार में सर टॉमस रो मुग़ल साम्राज्य
1616 झबद्रुंग ङवांग नामग्याल भूटान पहुँचे शबद्रुंग के अधीन भूटान (द्रुक देसी)
1628 शाहजहाँ बादशाह बना मुग़ल साम्राज्य
1632 ताजमहल का निर्माण आरंभ मुग़ल साम्राज्य
1639 मद्रास में फ़ोर्ट सेंट जॉर्ज की स्थापना फ़ोर्ट सेंट जॉर्ज, मद्रास
1646 विजयनगर का अंतिम गढ़ गिरा अराविडु वंश
1648 शाहजहानाबाद (पुरानी दिल्ली) का उद्घाटन मुग़ल साम्राज्य
1653 ताजमहल पूर्ण मुग़ल साम्राज्य
1656 डचों ने पुर्तगालियों से कोलंबो लिया
1658 तक श्रीलंका में पुर्तगाली शासन समाप्त हो गया।
डच सीलोन
1658 औरंगज़ेब बादशाह बना मुग़ल साम्राज्य
1659 शिवाजी ने प्रतापगढ़ में अफ़ज़ल ख़ान को मारा
बीजापुर की सेना तितर-बितर हुई और शिवाजी की शक्ति बढ़ी।
1661 बंबई इंग्लैंड को मिला पुर्तगाली बसई और बंबई
1664 शिवाजी ने सूरत लूटा
1665 पुरंदर की संधि
शिवाजी ने 23 क़िले मुग़लों को सौंपे और औरंगज़ेब के दरबार में जाना स्वीकार किया।
1666 शिवाजी आगरा से बच निकले
1671 सराईघाट का युद्ध
अहोमों ने मुग़लों को हराया और असम स्वतंत्र बना रहा।
अहोम राज्य
1674 शिवाजी का छत्रपति के रूप में राज्याभिषेक मराठा साम्राज्य
1675 गुरु तेग़ बहादुर की शहादत मुग़ल साम्राज्य
1679 औरंगज़ेब ने फिर से जज़िया लगाया
इससे अनेक राजपूत और अन्य प्रजाजन विमुख हुए।
मुग़ल साम्राज्य
1680 शिवाजी की मृत्यु
उनके पुत्र संभाजी उत्तराधिकारी बने।
मराठा साम्राज्य
1681 औरंगज़ेब दक्कन गया मुग़ल साम्राज्य
1686 मुग़लों ने बीजापुर मिलाया
बीजापुर का आदिलशाही वंश समाप्त हुआ।
मुग़ल साम्राज्य
1687 मुग़लों ने गोलकुंडा मिलाया
गोलकुंडा का क़ुतुबशाही वंश समाप्त हुआ।
मुग़ल साम्राज्य
1689 संभाजी का वध मराठा साम्राज्य
1690 जॉब चार्नॉक ने कलकत्ता बसाया
कलकत्ता आगे चलकर ब्रिटिश भारत की राजधानी बना।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1699 गुरु गोबिंद सिंह ने ख़ालसा की स्थापना की
1707 औरंगज़ेब की मृत्यु मुग़ल साम्राज्य
1708 गुरु गोबिंद सिंह का निधन
उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को शाश्वत गुरु घोषित किया।
1709 कंधार में मीरवाइस होतक का विद्रोह होतक वंश
1713 बालाजी विश्वनाथ पेशवा बने मराठा साम्राज्य
1716 बंदा सिंह बहादुर की शहादत मुग़ल साम्राज्य
1717 फ़र्रुख़सियर का ईस्ट इंडिया कंपनी को फ़रमान मुग़ल साम्राज्य
1720 बाजीराव प्रथम पेशवा बने मराठा साम्राज्य
1724 शकर खेड़ा का युद्ध: हैदराबाद राज्य की स्थापना
निज़ाम-उल-मुल्क ने मुग़ल सूबेदार को हराकर हैदराबाद राज्य की स्थापना की।
हैदराबाद राज्य (निज़ाम)
1737 बाजीराव का दिल्ली पर धावा मराठा साम्राज्य
1739 नादिर शाह ने दिल्ली लूटी
दिल्ली लूटी गई और मयूर सिंहासन व कोहिनूर फ़ारस ले जाए गए।
मुग़ल साम्राज्य
1741 कोलाचेल का युद्ध
त्रावणकोर ने डचों को हराया, जिससे केरल में डच महत्वाकांक्षाएँ समाप्त हुईं।
त्रावणकोर
1742 बंगाल पर मराठा (बरगी) हमले बंगाल के नवाब
1746 फ़्रांसीसियों ने मद्रास जीता (प्रथम कर्नाटक युद्ध) फ्रांसीसी भारत
1747 अहमद शाह दुर्रानी ने दुर्रानी साम्राज्य की स्थापना की दुर्रानी साम्राज्य
1749 अंबूर का युद्ध
अनवरुद्दीन ख़ान मारा गया; फ़्रांसीसी समर्थित चंदा साहिब ने अर्काट लिया।
कर्नाटक (आरकाट के नवाब)
1751 अर्काट की घेराबंदी
क्लाइव की अर्काट रक्षा ने दूसरे कर्नाटक युद्ध को ब्रिटेन के पक्ष में मोड़ दिया।
कर्नाटक (आरकाट के नवाब)
1757 प्लासी का युद्ध
सिराजुद्दौला हारा और मीर जाफ़र कंपनी-समर्थित नवाब बना।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1760 वांडीवाश का युद्ध
भारत में फ़्रांसीसी शक्ति टूट गई।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1761 पानीपत का तीसरा युद्ध
अहमद शाह दुर्रानी ने मराठों को कुचल दिया और उनका उत्तर की ओर विस्तार रुक गया।
मराठा साम्राज्य
1764 बक्सर का युद्ध
कंपनी ने मीर क़ासिम, शुजाउद्दौला और शाह आलम द्वितीय को एक साथ हराया।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1765 बंगाल की दीवानी प्रदान
कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में राजस्व वसूलने का अधिकार मिला।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1767 प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध मैसूर राज्य
1768 पृथ्वी नारायण शाह ने काठमांडू जीता
काठमांडू एकीकृत नेपाल की राजधानी बना।
नेपाल राज्य — विस्तार काल
1769 मद्रास की संधि
जीते हुए प्रदेश परस्पर लौटाकर प्रथम आंग्ल-मैसूर युद्ध समाप्त हुआ।
मैसूर राज्य
1770 बंगाल का महान अकाल ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1773 रेग्युलेटिंग एक्ट; वॉरेन हेस्टिंग्स गवर्नर-जनरल ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1775 प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध का आरंभ मराठा साम्राज्य
1780 पोल्लिलूर का युद्ध
हैदर अली और टीपू सुल्तान ने कर्नल बेली की कंपनी सेना नष्ट कर दी।
मैसूर राज्य
1782 सालबाई की संधि
प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध पूर्व स्थिति की बहाली के साथ समाप्त हुआ।
सिंधिया राज्य (ग्वालियर)
1784 एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1784 मंगलौर की संधि
परस्पर वापसी के आधार पर द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध समाप्त हुआ।
मैसूर राज्य
1792 श्रीरंगपट्टनम की संधि
टीपू सुल्तान ने आधा राज्य सौंपा और दो पुत्र बंधक के रूप में दिए।
मैसूर राज्य
1793 बंगाल का स्थायी बंदोबस्त ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1795 खरदा का युद्ध
मराठों ने हैदराबाद के निज़ाम को हराया।
मराठा साम्राज्य
1796 अंग्रेज़ों ने डचों से तटीय सीलोन लिया
तटीय श्रीलंका ब्रिटेन को मिला, जिसकी पुष्टि अमीएँ की संधि से हुई।
ब्रिटिश सीलोन
1798 हैदराबाद ने सहायक संधि स्वीकार की
निज़ाम वेलेज़ली की व्यवस्था स्वीकार करने वाला पहला शासक बना।
हैदराबाद राज्य (निज़ाम)
1799 श्रीरंगपट्टनम का पतन
टीपू सुल्तान मारा गया और वोडेयारों को कंपनी के सहयोगी के रूप में बहाल किया गया।
मैसूर राज्य
1799 रणजीत सिंह ने लाहौर जीता सिख साम्राज्य
1802 बसई की संधि
पेशवा बाजीराव द्वितीय ने सहायक संधि स्वीकार की।
मराठा साम्राज्य
1803 अंग्रेज़ों ने दिल्ली जीती
मुग़ल बादशाह ब्रिटिश संरक्षण में आ गया।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1803 असाये का युद्ध
आर्थर वेलेज़ली ने सिंधिया और भोंसले की संयुक्त सेनाओं को हराया।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1806 वेल्लोर विद्रोह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1809 अमृतसर की संधि से सतलुज सीमा तय
रणजीत सिंह ने सतलुज के दक्षिण में विस्तार न करने की सहमति दी।
सिख साम्राज्य
1814 आंग्ल-नेपाल युद्ध: नालापानी की घेराबंदी
बलभद्र कुँवर के नेतृत्व में गोरखा दुर्ग-सेना पीछे हटने से पहले डटी रही।
नेपाल राज्य — विस्तार काल
1815 कैंडी समझौता
कैंडी राज्य समाप्त हुआ और पूरा श्रीलंका ब्रिटिश शासन में आ गया।
कैंडी राज्य
1816 सुगौली की संधि
नेपाल ने कुमाऊँ, गढ़वाल और तराई सौंपी और ब्रिटिश रेज़िडेंट स्वीकार किया।
नेपाल राज्य
1817 खड़की का युद्ध
पुणे के पास पेशवा की सेना हारी।
मराठा साम्राज्य
1818 तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध समाप्त
पेशवा के प्रदेश मिला लिए गए और कंपनी सर्वोच्च शक्ति बन गई।
मराठा साम्राज्य
1824 कंपनी के विरुद्ध कित्तूर विद्रोह
रानी चेन्नम्मा ने आरंभिक जीत पाई, पर दूसरे हमले में बंदी बना ली गईं।
1826 यांडाबो की संधि
बर्मा ने असम, मणिपुर, अराकान और तेनासरिम कंपनी को सौंप दिए।
अहोम राज्य
1828 ब्रह्म समाज की स्थापना ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1829 सती प्रथा का उन्मूलन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1835 अंग्रेज़ी शिक्षा अधिनियम ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1839 महाराजा रणजीत सिंह की मृत्यु सिख साम्राज्य
1839 प्रथम आंग्ल-अफ़ग़ान युद्ध का आरंभ
शाह शुजा को काबुल की गद्दी पर बैठाया गया, पर 1842 में ब्रिटिश सेना नष्ट हो गई।
अफ़ग़ानिस्तान अमीरात
1842 काबुल से ब्रिटिश वापसी
पीछे हटती लगभग पूरी ब्रिटिश टुकड़ी का सफ़ाया हो गया।
अफ़ग़ानिस्तान अमीरात
1843 सिंध का विलय
मियानी के युद्ध के बाद सिंध मिला लिया गया।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1845 प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध
सिखों ने जालंधर दोआब सौंपा और हर्जाना दिया।
सिख साम्राज्य
1846 गुलाब सिंह को जम्मू-कश्मीर सौंपा गया
डोगरा शासित जम्मू-कश्मीर रियासत बनी।
1846 कोत पर्व; नेपाल में राणा शासन का आरंभ
जंग बहादुर राणा ने सत्ता हथियाई और राणा प्रधानमंत्रियों ने 104 वर्ष शासन किया।
नेपाल राज्य
1848 सतारा पर व्यपगत का सिद्धांत लागू
शासक की बिना प्राकृतिक उत्तराधिकारी के मृत्यु होने पर सतारा मिला लिया गया।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1849 पंजाब का विलय
सिख साम्राज्य समाप्त हुआ और महाराजा दलीप सिंह को पेंशन देकर हटा दिया गया।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1853 पहली यात्री रेल: बंबई से ठाणे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1855 संथाल हूल (विद्रोह)
1856 में दबा दिया गया; संथाल परगना ज़िला बनाया गया।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1856 अवध का विलय
कुशासन के आरोप में वाजिद अली शाह को पदच्युत कर दिया गया।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1856 हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम
हिंदू विधवाओं का पुनर्विवाह वैध हुआ।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1857 मेरठ से 1857 के विद्रोह का आरंभ
1858 तक विद्रोह दबा दिया गया और कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया।
1857 बैरकपुर में मंगल पांडे का हमला
मंगल पांडे को फाँसी दी गई; उनकी रेजिमेंट भंग कर दी गई।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी
1857 विद्रोहियों ने बहादुर शाह ज़फ़र को बादशाह घोषित किया
सितंबर 1857 में फिर क़ब्ज़े तक दिल्ली विद्रोह का केंद्र रही।

📚 इस युग के लिए अनुशंसित पुस्तकें

संदर्भ ग्रंथ

A History of Nepal

John Whelpton · Cambridge University Press

गोरखा एकीकरण से गणराज्य तक नेपाल का संक्षिप्त, विश्वसनीय इतिहास।

सामान्य पठन
पाठ्यपुस्तक

Themes in Indian History, Parts I–III (Class 12)

NCERT · NCERT

हड़प्पा, विजयनगर, मुग़ल दरबार और 1857 पर स्रोत-आधारित अध्याय — UPSC के लिए अनिवार्य।

NCERT मूल बातें UPSC प्रारंभिक UPSC मुख्य SSC राज्य PSC
पाठ्यपुस्तक

History of Medieval India

Satish Chandra · Orient BlackSwan

सल्तनत, मुग़लों और क्षेत्रीय राज्यों पर सबसे भरोसेमंद एक-खंडीय पुस्तक।

UPSC प्रारंभिक UPSC मुख्य SSC राज्य PSC
संदर्भ ग्रंथ

Medieval India: From Sultanat to the Mughals (2 vols)

Satish Chandra · Har-Anand

उन पाठकों के लिए विस्तृत दो-खंडीय विवेचन जो एक-खंडीय पाठ्यपुस्तक से आगे पढ़ना चाहते हैं।

UPSC मुख्य सामान्य पठन

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📄 शोध-पत्र

शोध-पत्र🏛 पुस्तकालय द्वारा

Temple Desecration and Indo-Muslim States

Richard M. Eaton · 2000
Journal of Islamic Studies 11(3): 283–319

1192–1760 के बीच मंदिर-विध्वंस और उसके राजनीतिक संदर्भ का प्रमाण-आधारित अध्ययन।

✓ क्रॉसरेफ़ से सत्यापित · 28 Sep 2026 · लेखकों का मूल लेख, प्रकाशक की साइट पर
प्रकाशक की साइट पर पढ़ें ↗गूगल स्कॉलर ↗doi:10.1093/jis/11.3.283
शोध-पत्र🏛 पुस्तकालय द्वारा
🇮🇳 भारतीय विद्वत्ता

Potentialities of Capitalistic Development in the Economy of Mughal India

Irfan Habib · 1969
The Journal of Economic History 29(1): 32–78

मुग़ल अर्थव्यवस्था में धन, बाज़ार, शिल्प और ऋण — और वे पूँजीवाद तक क्यों नहीं पहुँचे।

✓ क्रॉसरेफ़ से सत्यापित · 28 Sep 2026 · लेखकों का मूल लेख, प्रकाशक की साइट पर
प्रकाशक की साइट पर पढ़ें ↗गूगल स्कॉलर ↗doi:10.1017/S0022050700097825
शोध-पत्र🏛 पुस्तकालय द्वारा
🇮🇳 भारतीय विद्वत्ता

Connected Histories: Notes towards a Reconfiguration of Early Modern Eurasia

Sanjay Subrahmanyam · 1997
Modern Asian Studies 31(3): 735–762

मुग़ल भारत को एक पृथक सभ्यता के बजाय परस्पर जुड़े आरंभिक-आधुनिक विश्व के हिस्से के रूप में देखता है।

✓ क्रॉसरेफ़ से सत्यापित · 28 Sep 2026 · लेखकों का मूल लेख, प्रकाशक की साइट पर
प्रकाशक की साइट पर पढ़ें ↗गूगल स्कॉलर ↗doi:10.1017/S0026749X00017133
शोध-पत्र🏛 पुस्तकालय द्वारा

Knowing the Country: Empire and Information in India

C. A. Bayly · 1993
Modern Asian Studies 27(1): 3–43

गुप्तचर, हरकारे और ख़बरनवीस: कंपनी ने भारतीय सूचना-तंत्र को कैसे अपनाया।

✓ क्रॉसरेफ़ से सत्यापित · 28 Sep 2026 · लेखकों का मूल लेख, प्रकाशक की साइट पर
प्रकाशक की साइट पर पढ़ें ↗गूगल स्कॉलर ↗doi:10.1017/S0026749X00016061

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