Our Pasts I, II & III (Classes 6–8)
शुरुआत का सबसे आसान रास्ता: छोटी, सचित्र और अनगिनत परीक्षा प्रश्नों का आधार।
बिंबिसार और अजातशत्रु का वंश।
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चुने हुए शासक; सूची में अंतराल का अर्थ राजवंश में अंतराल नहीं है।
| वर्ष | घटना | स्थान |
|---|---|---|
| लगभग 540 ई.पू. | बिंबिसार ने अंग को जीतकर मिलाया मगध के विस्तार का पहला कदम। |
चंपा |
| लगभग 492 ई.पू. | अजातशत्रु मगध का राजा बना आरंभिक बौद्ध और जैन लेखकों ने मगध के उत्कर्ष का श्रेय महत्वाकांक्षी राजाओं — बिंबिसार, अजातशत्रु और महापद्म नंद सबसे प्रसिद्ध — और उनके मंत्रियों को दिया। तब मगध की राजधानी पहाड़ियों से घिरा क़िलेबंद नगर राजगृह (राजगीर) थी। |
राजगृह |
| लगभग 483 ई.पू. | राजगृह में पहली बौद्ध संगीति | राजगीर |
| लगभग 468 ई.पू. | अजातशत्रु ने वज्जि संघ को हराया | वैशाली |
| लगभग 460 ई.पू. | पाटलिपुत्र मगध की राजधानी बना मगध की राजधानी राजगृह से पाटलिपुत्र (आज का पटना) आ गई, जो गंगा के किनारे के संचार-मार्गों पर नियंत्रण रखता था। NCERT इस बदलाव को चौथी शताब्दी ई.पू. का बताता है। |
पाटलिपुत्र |
शुरुआत का सबसे आसान रास्ता: छोटी, सचित्र और अनगिनत परीक्षा प्रश्नों का आधार।
हड़प्पा, विजयनगर, मुग़ल दरबार और 1857 पर स्रोत-आधारित अध्याय — UPSC के लिए अनिवार्य।
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